What is Article 371 of Indian Constitution in Hindi आर्टिकल (ARTICLE-371) क्या है और किन किन राज्यों में ये लागु है


जिस तरह आर्टिकल (ARTICLE-370) ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य बनाया था | अब इसको खत्म कर दिया गया है | उसी प्रकार  आर्टिकल (ARTICLE-371) भी बहुत सारे राज्यों को बाकी राज्यों से विशेष बनाते है

आर्टिकल (ARTICLE-371) महाराष्ट्र गुजरात और हिमाचल परदेश में लागु है
 इस आर्टिकल के तहत महाराष्ट्र  और गुजरात के राज्यपाल के पास कुछ अलग शक्तियां है महाराष्ट्र के राज्यपाल विदर्भ और मराठवाडा में अलग से विकास बोर्ड बना सकते है
 इसी तरह गुजरात के राज्यपाल भी सौराष्ट्र और कच्छ में अलग विकास बोर्ड बना सकते है टेक्निकल एजुकेशन वोकेशनल ट्रेनिंग और रोजगार के लिए भी राज्यपाल स्पेशल अरेंजमेंट कर सकते है | इस प्रकार का अधिकार किसी और राज्य के राज्यपाल के पास नही है आर्टिकल (ARTICLE-371)  के तहत कोई भी आदमी जो हिमाचल परदेश के बाहर का है वो हिमाचल परदेश में खेती करने के लिए जमीन नही खरीद नही सकता है इतना ही नही चाहे आप हिमाचल के नही क्यों नही हो अगर आप किसान नही हो तो आप खेती करने के लिए जमीन नही खरीद नही सकते है आर्टिकल ARTICLE-371A नागालैंड में भी लागु है और इस के तहत नागालैंड राज्य को 1949 और 1963 में तीन विशेष अधिकार दिए गए थे
1. नागालैंड में भारतीय संसद ( INDIAN PARLIAMENT) का कोई भी कानून जो नागा लोगो के सांस्कृतिक और धार्मिक  मामलो में लागु नही होगा
2. नागा लोगो के प्रथागत कानूनों और परम्पराओ को लेकर भारतीय संसद ( INDIAN PARLIAMENT) का कोई भी कानून और सुप्रीम कोर्ट  का कोई भी आदेश लागु नही होगा यानि की भारतीय संसद  ( INDIAN PARLIAMENT) ऐसा कोई कानून बनाती है या कोर्ट कोई ऐसा आदेश देते है जो नागा लोगो के कानूनों और परम्पराओ को आहत करते है उस कानून या आदेश को नही माना जायेगा |
3. नागालैंड में जमीन और ससाधन किसी गैर नागा के स्थानांतरण नही किया जा सकता है नागालैंड में इनर लाइन परमिट लागु है
क्या है 'इनर लाइन परमिट '
                                             इनर लाइन परमिट भारत सरकार द्वारा जारी एक अधिकारिक यात्रा दस्तावेज है जो एक सिमित अवधि के लिए एक PROTECTED AERA में भारतीय नागरिक को यात्रा की अनुमति देता है ये भी वहीं के लोगो के हितो की रक्षा के लिए लागु किया गया गया है इनर लाइन परमिट देश के उतर पूर्व में बसे तीन खूबसूरत राज्य मिजोरम ,अरुणाचल प्रदेश एव नागालैंड में लागु है

आर्टिकल ARTICLE-371D आंध्रप्रदेश व तेलगाना : इन राज्यों के लिए राष्ट्रपति के पास यह अधिकार होता है की वह राज्य सरकार को आदेश दे की किस नोकरी में किस वर्ग के लोगो को नोकरी दी जा सकती है . राष्ट्रपति नागरिक सेवाओ से जुड़े पदों पर नियुक्ति से संबधित मामलो को निबटाने के लिए हाईकोर्ट से  अलग ट्रिब्यूनल बना सकते है

आर्टिकल ARTICLE-371F सिक्किम : इसके तहत   सिक्किम के पास पुरे राज्य की जमीन भारत में विलय से पहले किसी की निजी जमीन ही क्यों ना हो . यहाँ किसी भी तरह के जमीन विवाद में देश के सुप्रीम कोर्ट या संसद को हस्तक्षेप करने का अधिकार नही है

आर्टिकल ARTICLE-371G मिजोरम  :- इस आर्टिकल के तहत मिजोरम में जमीन का मालिकाना हक़ सिर्फ वहां बसने वाले आदिवासियों का है . हालाकि , यहाँ प्राइवेट सेक्टर के उधोग खोलने के लिए राज्य सरकार मिजोरम ( भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन और पुर्नस्थापन) एक्ट 2016 के तहत भूमि अधिग्रहण कर सकती है

आर्टिकल ARTICLE-371H अरुणाचल प्रदेश : राज्यपाल के पास राज्य के कानून और व्यवस्था की स्थिति पर विशेष अधिकार है .और इसके आधार पर मुख्यमंत्री के फेसले को रद्दे किया जा सकता है


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